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जम्मू-कश्मीर के रियासी में लैंडस्लाइड के बाद 7 शव मिले, रामबन में बादल फटने से 4 की मौत-कई लोग लापता

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 13 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Jammu Flood: उत्तरी भारत के कई हिस्से इस वक्त प्रकृति की मार झेल रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर में पिछले कई दिनों से हो रही भारी बारिश ने पूरे प्रदेश में तबाही मचा दी है।

जहां एक तरफ शनिवार को रियासी जिले में भयानक लैंडस्लाइड हुआ है, वहीं रामबन में बादल फटने से पूरा इलाका पानी में डूब गया है और 7 लोगों की जान चली गई है।

इन घटनाओं में कई लोगों अब भी लापता हैं। जिन्हें ढूंढने के लिए राहत अभियान चलाया जा रहा है।

बारिश का कहर सिर्फ जम्मू-कश्मीर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्य भी इसकी चपेट में हैं, जहां बाढ़ और भूस्खलन ने लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।

रियासी में लैंडस्लाइड, मलबे में दबे लोग

जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले की माहौर तहसील के भद्दर गांव में शनिवार की सुबह एक भीषण लैंडस्लाइड हुआ।

लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पहाड़ का एक हिस्सा खिसककर गांव पर आ गिरा।

इस हादसे में मलबे और पानी के तेज बहाव ने खड़ी ढलान पर बने कई घरों को अपनी चपेट में ले लिया और उन्हें बहा दिया।

दुर्भाग्य से, उस वक्त लोग अपने घरों के अंदर थे और मलबे के नीचे दब गए।

पुलिस, एसडीआरएफ (State Disaster Response Force) और स्थानीय प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

अब तक 7 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं।

खतरे को देखते हुए आस-पास के घरों को खाली करा कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

रामबन में बादल फटने से कई लोग लापता

वहीं, रामबन जिले के राजगढ़ इलाके में बादल फटने की घटना हुई।

अचानक आई इस भयानक बाढ़ ने कम से कम 4 लोगों की जान ले ली है और कई लोग लापता हैं।

कहा जा रहा है कि कई घर भी पानी के बहाव में बह गए हैं।

बचाव दल मौके पर मौजूद है और लापता लोगों की तलाश जारी है।

मौसम विभाग ने पहले ही इस इलाके में भारी बारिश और अचानक बाढ़ की चेतावनी जारी की थी।

पूरे क्षेत्र में बाढ़ और तबाही का मंजर

जम्मू-कश्मीर में हालात काफी गंभीर हैं। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नदियां खतरनाक स्तर तक उफान पर हैं।

चिनाब नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण प्रशासन ने सलाल डैम के सभी गेट खोल दिए हैं ताकि अतिरिक्त पानी को छोड़ा जा सके।

  • यातायात व्यवस्था चौपट: जम्मू-श्रीनगर हाईवे और मनाली-लेह हाईवे समेत कई महत्वपूर्ण सड़कें भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की वजह से टूट गई हैं। इससे कई गांव और शहर दुनिया से कट गए हैं।

  • बुनियादी ढांचा ढहा: कई पुल बह गए हैं, सड़कें धंस गई हैं। बिजली की लाइनें और मोबाइल टावर damaged होने से संचार सेवाएं ठप पड़ी हैं।

  • यात्राएं प्रभावित: वैष्णो देवी यात्रा पहले ही पांच दिनों से रुकी हुई है। 26 अगस्त को यात्रा मार्ग पर हुए भूस्खलन में 34 लोगों की मौत हो गई थी। नॉर्दर्न रेलवे ने जम्मू-कश्मीर जाने वाली 45 से ज्यादा ट्रेनों को रद्द कर दिया है क्योंकि रेल लाइनें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं।

  • राहत और बचाव जारी: भारतीय सेना, NDRF (National Disaster Response Force), SDRF, और स्थानीय प्रशासन लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। जम्मू संभाग में अब तक 3500 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। हेलीकॉप्टर की मदद से बाढ़ग्रस्त इलाकों में फंसे लोगों और पर्यटकों को निकाला जा रहा है। पर्यटकों को उनके घर पहुंचाने के लिए जम्मू से दिल्ली तक स्पेशल ट्रेन भी चलाई गई है।

अन्य राज्यों में भी बाढ़ का कहर

इस मानसूनी तबाही ने कई उत्तरी राज्यों को प्रभावित किया है:

  • पंजाब: अमृतसर और पठानकोट समेत 8 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। 250 से अधिक गांवों में 5 से 15 फीट तक पानी भर गया है। बाढ़ में अब तक 8 लोगों की मौत की सूचना है।
  • हिमाचल प्रदेश: मंडी के गोहर में बादल फटने से कई गाड़ियां बह गईं। शिमला के जतोग में भूस्खलन हुआ, जिसके बाद सेना की रिहायशी इमारतों को खाली कराया गया।
  • उत्तराखंड: चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी और बागेश्वर में बादल फटने की घटनाओं में 5 लोगों की मौत हुई और 11 लापता हैं।
  • उत्तर प्रदेश: राज्य के 18 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। 774 से अधिक मकान ढह चुके हैं। वाराणसी में सभी 84 घाट जलमग्न हैं।

मौसम विभाग की चेतावनी और सलाह:

मौसम विभाग ने लोगों से आग्रह किया है कि वे

  • भूस्खलन वाले पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने से बचें।
  • नदियों, नालों और झरनों से दूर रहें।
  • क्षतिग्रस्त इमारतों, बिजली के खंभों और पुराने पेड़ों से दूरी बनाए रखें।

जम्मू-कश्मीर में लैंडस्लाइड और बादल फटने से आई तबाही ने कई जिंदगियां ले ली हैं और बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है। हालांकि, राहत और बचाव एजेंसियां पूरी ताकत से लोगों की मदद के लिए तैनात हैं।

ऐसे में जरूरी है कि लोग प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित रहें।

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